Friday, April 23, 2010

माँ की याद

ma मुझे आज तेरी बहुत याद आई
आँखों में तस्वीर आते ही तेरी ...
दोनों आँखे छलक आई...

नींद नहीं आती माँ,
चैन एक पल को नही पता हूँ ...
जब जब तुझे में एक पल भी ...
अपने पास नही पता हूँ...

पर तू हे माँ मेरी ...
हमेशा रहती हे मेरे साथ
चाहे आज में तुझसे तन से दूर सही
पर में तो तेरे तन का ही अंश रहूँगा ॥



आज तेरी याद
मुझे ना जाने क्यों इतनी आ रही हे
आज ये दुनिया ना जाने क्यों
रंग अपना दिखला रही हे...



कभी कभी बहुत बेबस हो जाता हूँ॥
दुनिया से लड़ नहीं पाता हूँ
तब तेरा आशीर्वाद मुझे मिल जाता हे...
तेरे साथ का एह्सास उस वक्त
सच में मुझे हो जाता हे !










विशाल २३.०४.२०१०

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