Sunday, September 12, 2010

Self Confidence



बुलंदियों पर पहुचने की ख्वाइश हमें भी हे..


.चाँद को छूने का हौसला भी हम रखते हे ..


तोड़ कर बिछा देंगे तारे तेरी राहों में ...


आसमान में सीढियाँ बनाने का हुनर भी हम रखते हे...



ए ज़ालिम ज़माने तुझको गुरुर किस बात का हे ..


मेरी हिम्मतो पर तुझको ऐतराज किस बात का हे ..


मेरी कमजोरियों को देख कर मुझे पर हसने वाले..


तूफ़ान से भरे समुन्दर में ..


कश्तिया बचाने का हुनर भी हम रखते हे ॥





विशाल १२.०९.2010



Tuesday, September 7, 2010

रंग ऐ लहू .....


लहू का रंग इतना जल्दी छूटा नही करता...
दिलों से दिल का रिश्ता य़ू ही टूटा नही करता...
लाख कर लो कोशिश दिल को बहलाने की...
दिल से धड़कन का साथ कभी छूटा नही करता....

विशाल 8.08.2010

Monday, September 6, 2010

दोस्त...


नयी दुनिया नये रास्ते..

हम फिर चले इन पर ए दोस्त तेरे वास्ते..

तेरा मेरा कोई पुराना कोई रिश्ता लगता हे ॥

सामने का नज़ारा कितना सुहाना लगता हे ..


हलकी से कोई परछाई दिखाई देती हे..

तेरी आहट फिर सुनाई देती सी ह़े ..

क्यों खड़ा हे राहों में हाथो को बांधे..

मीलो दूर से हमे तेरी आवाज़ सुनाई देती सी है॥,





vishal 6.08.2010

Saturday, September 4, 2010

Sabse pyari Maa...meri



सूरज मांगू ना चन्दा में तुझसे

सोना मांगू ना चांदी में

में तो मांगू तेरा आँचल..

बस इतना सा दे दे माँ .......

विशाल 4.08.2010